होम लोन क्या है और कैसे मिलता है कैसे ले इंडिया में होम लोन (1)

होम लोन क्या है ? और कैसे मिलता है? कैसे ले इंडिया में होम लोन?

EMI :

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Total of Payments (Principal + Interest) :

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तो इस पोस्ट में हम जानेंगे होम लोन के बारे में वह भी डिटेल में, जैसे कि होम लोन क्या होता है? होम लोन कैसे मिलता है?  होम लोन कौन देता है?  होम लोन कहां से मिलता है?  होम लोन के लिए एलिजिबिलिटी क्या है?  होम लोन कौन कौन ले सकता है?  होम लोन कितने प्रकार के हो सकते हैं?  होम लोन में खासियत क्या क्या है?  होम लोन के घाटे क्या-क्या हैं?  होम लोन के फायदे क्या हैं?  और भी बहुत कुछ विस्तार से :

Contents

होम लोन के प्रकार –

होम लोन कुल चार प्रकार के होते हैं और यह आवासीय संपत्ति खरीदने के लिए,  आवास निर्माण के लिए , आवास मरम्मत के लिए या फिर आवास के विस्तार के लिए होम लोन मिलता है, या ले सकते हैं.  ऐसे कार्यों को करने के लिए  बचत और निवेश भी ना टूटे इसलिए हम होम लोन लेते हैं,  ऐसी परिस्थिति में आप की जितनी भी संपत्ति है या जो भी आप बैंकों के पास गिरवी रखा जाते हैं रखते हैं वह तब तक गिरवी रखा जाता है जब तक आप पूरा भुगतान नहीं कर देते,  भारत में होम लोन की ब्याज दरें 6:30 प्रतिशत प्रति वर्ष से शुरू होती है.

कितना मिलता है होम लोन ?

वैसे तो हम जहां से होम लोन लेते हैं वह हमारी संपत्ति के 80 से 90% तक की जो राशि है या जो उसका पूरा वैल्यू है उतनी  होम लोन मिल जाती हमको 25 से 30 वर्ष तक की अवधि में चुकाया जा सकता या चुकाने का टाइम होता है.

होम लोन के लाभ-

कई सारे लाभ भी मिलते हैं होम लोन लेने के,  उदाहरण के लिए टैक्स में छूट 2.60  LAKH रुपए तक की PMAY होम लोन सब्सिडी बैलेंस ट्रांसफर ऑल टॉप अप लोन की सुविधा मिलती है

तो आइए जानते हैं उनकी शर्ते नियम, होम लोन सब्सिडी इंटरेस्ट रेट या और भी जितनी जानकारी हैं इस पोस्ट में

होम लोन की खासियत और लाभ

यह निर्भर करता है कि हम किस बैंक से आकर संस्था से होम लोन ले रहे हैं या अप्लाई कर रहे हैं या अप्लाई कर दिया हमने हर एक बैंक की हर एक संस्था की अपनी अलग अलग विशेषता होती है पहली विशेषता लोन की जो

  1. आसान अवधि- अवधि होती है वह काफी आसान होती है वैसे तो 25 से 30 साल तक की होती है ईएमआई राशि अगर हम चाहे तो कम हो जाती है दोबारा से भुगतान के लिए समय सीमा तक मिल जाता है.
  2. वार्षिक टैक्स लाभ- दूसरी विशेषता वार्षिक टैक्स लाभ इनकम टैक्स की 80c 24 बी और सी ए के तहत इन नियमों के तहत मूल और ब्याज का भुगतान करने पर इनकम टैक्स रिटर्न में छूट भी मिलती है.
  3. न्यूनतम ब्याज- तीसरी विशेषता न्यूनतम ब्याज दर भी मिल जाता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जो संस्था या बैंक में लोन प्रदान करती है वह काफी गुणवत्ता वाली लोन प्रदान करती है
  4. PMAY का लाभ- चौथी विशेषता पीएमएवाई का लाभ इंटरेस्ट सब्सिडी प्रधानमंत्री आवास योजना ब्रैकेट में शहरी से रिलेटेड क्रेडिट सब्सिडी स्कीम के तहत जब आप पहली बार घर ले ले रहे होते हैं तो आपको होम लोन ब्याज दर पर 2.70 लाख तक की बचत हो सकती है या इससे कम भी
  5. होम बैंक अकाउंट ट्रांसफर- पांचवी विशेषता इसमें आप अपने बैंक को या संस्था को किसी दूसरे संस्था या बैंक में अपना अकाउंट ट्रांसफर कर सकते हैं और ब्याज दर को भी काम करके भुगतान कर सकते हैं यह डिपेंड करता है ना कि बैंक आपके साथ किन किन परिस्थितियों में साथ खड़ा है कि नहीं या कई बार होता है बैंक मना भी कर देता है
  6. टॉप अप लोन- छठी विशेषता टॉप अप लोन की सुविधा यह वह सुविधाएं जब आप अपने होम लोन के अतिरिक्त दूसरी भी राशि उधार ले लेते हैं या किसी भी दूसरी जरूरतों के लिए निजी ताकि दूसरों की जरूरतों के उपयोग के लिए उपयोग में ला सकते हैं

उपलब्ध होम लोन की ब्याज दरें

वैसे तो होम लोन की ब्याज दर 6.60% या 6.50% से शुरुआत होती है, लेकिन फिर भी बैंकों के या जिस संस्था से आपने लोन लिया है, उनके मापदंड के अनुसार अलग-अलग भी हो सकता है ऊपर नीचे भी हो सकता है, यह सबसे ज्यादा डिपेंड करता है आवेदक का लोन राशि या क्रेडिट स्कोर या भुगतान करने की क्षमता क्या है या कितने साल तक के होम लोन लेने की अवधि है। इन सब चीजों पर मैटर करता है.

होम लोन पर ब्याज दरों के प्रकार

होम लोन ज्यादातर फ्लोटिंग ब्याज दर और फिक्स्ड ब्याज दर पर दिया जाता है

फ्लोटिंग रेट होम लोन- फ्लोटिंग रेट होम लोन में आप की ब्याज दर घटती बढ़ती रहती है यह डिपेंड करता है कि आरबीआई की नई नीति कैसी है या पुरानी नीति पर बने रहते हैं कि नहीं या संस्था या बैंक द्वारा निर्धारित बेंच मार्क बदलता है कि नहीं

अगर हम

लाभ कि बात करें तो यह फिक्स्ड ब्याज दर की तुलना में सस्ता होता है आरबीआई के नियमों के अनुसार फ्लोटिंग रेट होम लोन लेने वाले व्यक्ति को प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर फीस नहीं देनी पड़ती यह सबसे अच्छी बात है

और अगर

नुकसान की बात करें तो सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है यह EMI ब्याज दर में बदलाव आ जाता है यह ऊपर नीचे होता रहता है तो आपका जो बजट है उसमें थोड़ा प्रॉब्लम हो सकता है

और अगर बात करें

फिक्स्ड रेट होम लोन -की तो इसमें जो भुगतान की अवधि होती है उसमें ब्याज दर एक समान रहती है आपके लोन की ईएमआई भुगतान अवधि के दौरान एक समान रहती है हर बार तो

लाभ कि बात करें तो स्थिरता के मामले में यह सबसे अच्छी बात होती है फ्यूचर प्लानिंग आप कर सकते हैं अपनी दूसरे किसी चीज को खरीदने के लिए और अगर बैंक ने ब्याज दर बढ़ा भी दिया तो आप सुरक्षित दायरे में रहते हैं यह सबसे अच्छी बात है.

जबकि

नुकसान की बात करें तो इसमें जो ब्याज दर होता है वह फ्लोटिंग रेट होम लोन की ब्याज दर से 1:00 से 2:00 , 3% तक अधिक होता है सबसे बड़ा घाटा इसमें यह होता है कि अगर बैंक ने अपनी ब्याज दर कम कर लिया, उनकी ब्याज दरें कम होती है तब भी आपको फिक्स ब्याज दर देना ही पड़ता है एक समान ब्याज दर, इसमें आपको सबसे बड़ा घाटा मिलता है बाकी तो ठीक रहता है फिक्स्ड रेट होम लोन मामले में.

भारत के टॉप 10 बैंक्स कम ब्याज दर वाले

नीचे दिए गए यह 10 बैंक टॉप 10 बैंक की श्रेणी में आते हैं जिनकी होम लोन उपलब्धता आकर्षक और काफी अच्छी होती हैं

बैंक या आर्थिक लोन संस्थान ब्याज दर EMI / लाख 
पंजाब एंड सिंध बैंक 6.65% *  642  
कोटक महिंद्रा बैंक   6.65%  642  
HDFC बैंक 6.70% * ₹ 645  
ICICI बैंक  6.70% *  645  
भारतीय स्टेट बैंक 6.70% *  645  
बैंक ऑफ बड़ौदा 6.75%  648  
टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस 6.80%  652
पंजाब नेशनल बैंक 6.80%  652
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 6.80%  652
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 6.85%  655  
  1. *होम लोन की EMI कैल्कुलेशन की  लोन की अवधि 30 माना जाता है।
  2. नोट- बैंकों, NBFC और HFC की तय की गई सभी ब्याज दरें, RBI के निर्देशों और नियमो और दूसरे उधारदाताओं के फैसले के अनुसार कभी भी बदल सकती हैं। ये केवल प्रेजेंटेशन के उद्देश्य से दिखाया गया है , जो की अभी सामान्य यही दरें लागु होती हैं।

होम लोन के प्रकार

यह जानना बेहद अहम है कि होम लोन कितने प्रकार के होते हैं ताकि आप अपनी जरूरतों के मुताबिक चयन कर सके क्या आपके लिए कौन सा बेहतर है और अपनी जरूरतों का भी ध्यान रख सके हैं आप और उसी के हिसाब से आप अपना होम लोन चुने

  1. होम लोन सबसे सामान्य होम लोन का प्रकार यही है खुद का घर जिसके आप स्वामी है , प्रॉपर्टी जिसे आप पहले बेच दिए हैं और उसको खरीदना चाहते हैं तो इस प्रकार के होम लोन में यह आता है आरबीआई की निर्देशानुसार बैंक्य संस्थाएं उस प्रॉपर्टी के 80 या 90% तक का लोन देते हैं
  2. कंस्ट्रक्शन लोन, कंस्ट्रक्शन लोन ऐसे लोगों के लिए होता है जो घर को बनाने के लिए पैसा की चाह में होते हैं इसकी भुगतान अवधि या भुगतान राशि कई फैक्टर्स पर डिपेंड करता है जो
  3. संयुक्त लोन यह सामान्यता ऐसे लोगों के लिए होता है जो जमीन का एक भाग खरीदना चाहते हैं घर बनाने के लिए या रहने के लिए ऐसे में प्लॉट की खरीद के लिए लोन की राशि का आधा उधरकरता को दिया जाता है और आधा जिन्होंने अप्लाई किया है उनको या घर के निर्माण के कई चरणों में यह डिपेंड करता है
  4. घर की मरम्मत के लिए होम लोन जैसा कि नाम से पता चलता है कि आपको अपने घर के लिए मरम्मत करवाना है तो ऐसी परिस्थिति में यह होम लोन मिलता है आपको इसकी जो अवधि होती है वह शॉर्ट पीरियड होती है संपूर्ण होम लोन की अपेक्षा
  5. ब्रिज लोन यह लोन ऐसे समय में काम आता है जब पुराना घर बेचकर खरीदना चाहते हैं तो ऐसे में यह लोन काम आता है तो जितनी राशि कम पड़ रही होती है आपको बैंक द्वारा संस्था द्वारा प्रदान प्रदान किया जाता है ब्रिज लोन की इस कैटेगरी में होम एक्सटेंशन यह लोन समानता कंस्ट्रक्शन राशि का 75 से 90 पर्सेंट बैंक द्वारा या संस्था द्वारा दिया जाता है ऐसे लोगों के लिए है जिन्हें घर में जगह और बढ़ाने की जरूरत होती है तो ऐसे लोगों के लिए जिन को पैसे की जरूरत होती है ऐसे समय में तब यह राशि काम आती है
  6.  इंटरेस्ट सेवर लोन यह बेसिकली ओवरड्राफ्ट होता है या होम लोन ओवरड्राफ्ट भी कह सकते हैं इसमें क्या होता है कि सेविंग अकाउंट जो आपका होता है बैंक में उसी से आपका यह लोन जोड़ दिया जाता है और उस सेविंग बैंक अकाउंट में एमआई राशि से ज्यादा जो भी रकम होती है उसे भी लोन चुकाने के लिए उपयोग में ले लिया जाता है और इसी तरह यह ब्याज चलता रहता है इसके बाद है स्टेप अप लोन इस प्रकार के लोन में लोन लेने वाले के शुरुआती वर्षों के दौरान एम आई का भुगतान कम होता है और समय के साथ-साथ राशि बढ़ती रहती है

होम लोन की योग्यता क्या है ?

होम लोन लेने के लिए अप्लाई करने के लिए निम्नलिखित चीजों का होना आवश्यक है जैसे

सर्वप्रथम आप या तो

  1. भारतीय निवासियों या भारतीय मूल के व्यक्तियों या एन आर आई हो (अनिवासी भारतीय)
  2. क्रेडिट स्कोर 750 या 800 या उससे ज्यादा हो
  3. आप 18 साल से अधिक हो और 70 साल से कम
  4. कार्य अनुभव कम से कम 2 वर्ष
  5. आप नौकरी वाले रहे हो
  6. आपका बिजनेस या रोजगार कितना पुराना है
  7. आपकी न्यूनतम वेतन कम से कम 27000 होनी चाहिए कई बार 25000 भी होता है

कई के अलग-अलग जगहों में या और कम भी हो जाता है और जो राशि होती है वह आपकी जो संपत्ति होती है उसकी 80 से 90% तक की होती होती है

होम लोन के लिए जरूरी दस्तावेज डाक्यूमेंट्स ?

जब आप अप्लाई करते हैं होम लोन के लिए तब बैंक यह संस्था जो आपको लोन देती है वह आपसे एप्लीकेशन फॉर्म में आते हैं और उनको कुछ डॉक्यूमेंट चाहिए होते हैं या दस्तावेज चाहिए होते हैं जिनके आधार पर आपको होम लोन मिलता है और जिससे आपका होम लोन अप्रूव होता है या होम लोन का प्रोसेस जी से शुरू होता है तो यह डाक्यूमेंट्स होते हैं

  1. आवेदन फॉर्म होम लोन का पासपोर्ट साइज फोटो दो या 4 या 10 डिपेंड करता है कौन से बैंक है संस्थान की क्या रणनीति है या कैसा नियम है
  2. पहचान पत्र का होना जैसे कि पैन कार्ड आधार कार्ड मतदाता पहचान पत्र पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड
  3. डेट ऑफ बर्थ इसके लिए आपके पास पैन कार्ड पासपोर्ट आधार कार्ड दसवीं कक्षा की मार्कशीट जन्म प्रमाण पत्र बैंक की पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड उपरोक्त में से कोई भी एक की जरूरत होती है आपको
  4. निवास प्रमाण पत्र वोटर आईडी बैंक पासबुक राशन कार्ड यूटिलिटी बिल टेलीफोन बिजली का बिल पानी का बिल बिल पासपोर्ट एलआईसी पॉलिसी स्लिप अगर कोई हो तो किसी में से भी एक ही कॉपी आपको एक कॉपी चाहिए होता है और अगर पिछले 3 वर्षों के आईटी रिटर्न की कॉपी हो या फॉर्म 16 की कॉपी हो या निवेश प्रमाण हो तब भी हो जाता
  5. आपका  बैंक स्टेटमेंट
  6. आय प्रमाण पत्र
  7. आय का प्रमाण -आय का स्रोत
  8. पिछले 3 या 4 वर्षों की आइटीआर डिटेल्स
  9. कंपनी का लाभ और हानि अकाउंट डिटेल
  10. बैलेंस शीट अपने फॉर्म का डिटेल
  11. कंपनी का डिटेल और
  12. आपका बिजनेस स्थापित है वहां का प्रमाण
प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज
  1. इसमें आपका बिल्डर्स एनओसी
  2. सोसाइटी घर में लगने वाली रजिस्टर्ड एग्रीमेंट
  3. आवंटन पत्र और
  4. बिल्डिंग योजना की मंजूरी मिली कॉपी

कहीं और भी डाक्यूमेंट्स या टर्म्स एंड कंडीशन हो सकते हैं बैंक के या संस्था के जहां से भी आप अप्लाई कर रहे हैं तो एक बार वैसे भी आपको पता कर लेना चाहिए

होम लोन या इससे जुड़ी शुल्क और फीस

आपने ऊपर लिखी जानकारी है तो पढ़ लिया लेकिन आपको यह मालूम होना चाहिए कि  होम लोन से जुड़ी फीस और दूसरी शुल्के भी होती हैं दूसरी राशियां भी होती होती हैं जो बैंक या एनबीएफसी आपसे आवेदन करते समय या आवेदन करने के बाद जब वह लोन के पैसे आपको देंगे तब लेते हैं वह चार्ज करते हैं आपको तो यह भी आपको जानना जरूरी है

सर्वप्रथम आता है

एप्लीकेशन फीस-  एप्लीकेशन फीस में बैंक या संस्था वेरिफिकेशन या आने जाने में या दूसरे खर्चे होते हैं उनको पूरा करने के लिए एप्लीकेशन फीस लेते हैं आपसे दूसरा प्रोसेसिंग फीस प्रोसेसिंग फीस आपकी क्रेज मूल्यांकन के मूल्य को कवर करने काम आता है ऐसे में लोन लेने वाले उस इंसान की आय होम लोन क्रेडिट स्कोर या ऐसी डिटेल चेक करने के काम के लिए लेते हैं

प्रोसेसिंग फीस- 30 फीस यह लोन के अप्रूवल के बाद चार्ज किया जाता है या फिर डिपेंड करता है कि बैंक कैसे चार्ज करता है

फोरक्लोजर फीस- मान लीजिए आप ने लोन का मन बना लिया कि आप पहले ही भुगतान कर देंगे इस समय फोरक्लोजर फीस बैंक के आर्थिक संस्थानों से लेते हैं आरबीआई के नियमों के मुताबिक एनएफसी को फ्लोटिंग रेट होम लोन प्रीपेमेंट पेनेल्टी के साथ चार्ज करने को मना कर दिया गया था

यदि हम बात करें तो बैंक में पैसे वसूलते हैं ऑफिस के नाम पर अपने भुगतान को बदलने के प्रकार पर शुल्क यह शुल्क तब लगता है जब आप अपनी भुगतान के जरिए को चेंज करना चाहते हैं मान लीजिए पहले आपने बैंक को कहा था कि आप चेक से कहेंगे करेंगे बाद में आपने ऑनलाइन के लिए चुना या ऑफलाइन चुना तो तब यह चार्ज लगता है शुल्क लगता है इसके अगला है ब्याज दर को कम करने पर या फिर बदलने पर चार्ज यह संस्थानों से अनुरोध करते हैं कि आपका ब्याज दर कम कर दिया जाए या ज्यादा कर दिया जाए तो ऐसे में यह लो यह शुल्क लगाया जाता है इसे 2% तक मान सकते हैं ज्यादा भी हो सकता है इसके अगला है

अतिरिक्त शुल्क- जब आप एमआई का भुगतान नहीं कर पाते स्थान में देरी करते हैं तो बकाया ब्याज दरों की शुल्क देना होता है इससे अगला है चार्ज जब जाता है बैंक में पैसा नहीं होता है तब यह चार्ज लगता है कानूनी चार्ज वैसे तो प्रोसेसिंग फी में से लोड किया जाता है बैंक एक्स्ट्रा चार्ज कर देते हैं इसके लिए इसके अगला है पैकिंग फीस यह अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होता है और डिपेंड करता है

यह बातें ध्यान में रखें होम लोन लेने से पहले

  • पहला की ब्याज दर कैसा है कौन सा है और कितना होता है बैंकों से क्लियर लिया पूछें कि फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर कौन सा है आपके लिए जो बेहतर होता है

आपको चुनिए या

  • अगर एनबीएफसी से लेते हैं तो हाइब्रिड हाइब्रिड होम लोन भी देते हैं जिसमें फ्लोटिंग और फिक्स्ड दोनों ब्याज दरों का मिलाजुला मिश्रण आपको मिलता है

इसके बाद है

  • समय कितना लगता है लोन राशि आपके अकाउंट में आने में यदि बात करें डिसबर्सल की तो बैंक टू बैंक या दूसरे संस्थाओं में डिपेंड करता है कई बार दो-चार दिन का भी काम लग जाता है एकाध हफ्ते का टाइम लग जाता है और कई बार 15 दिन का भी टाइम लगता है तो इसलिए आपको इतना ध्यान रखना चाहिए इसके बाद है

योग्यता लोन की योग्यता

यह bank-to-bank बैरी करता है और यह डिपेंड करता है कि क्रेडिट हिस्ट्री कैसी रही है आपका अनुभव कैसा है आपका कार्य कैसा है किस खेल से रिलेटेड है क्या क्या शर्ते हैं आपकी आयु क्या है अगर आपको ऐसे भी कोई परेशानी आती है तो होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर का इस्तेमाल करना चाहिए यह आपको ज्यादातर बैंक के वेबसाइट पर मिल जाएगा हमारे वेबसाइट पर भी है होम लोन कैलकुलेटर

इसके बाद आता है

अतिरिक्त शुल्क

आपको अतिरिक्त शुल्क का जरूर पता करना चाहिए चाहे वह

  1. प्री पेमेंट 
  2. फोरक्लोजर फीस
  3. प्रोसेसिंग फीस
  4. कानूनी फीस

ताकि आपको ऐसा ना लगे कि नहीं यार मैं तो यह गलती कर दी इसकी बारी है इसमें आप सारे इसमें आपको ध्यान रखना होता है बैंक के नियम कानून क्या क्या है ऊंचाई भुगतान से लेटेड हो जाए ट्रांसफर से चाहे रोम रोम रोम रोम से चाय होम लोन

 

 

In Short Home  Loan Application Process

होम लोन एप्लीकेशन का प्रोसेस ऐसे होता है। (संछेप में )

 

  1. प्रॉपर्टी फाइनलाइज
  2. लोन एप्लीकेशन
  3. लोन एग्रीमेंट
  4. ऑफर लेटर
  5. सेल डीड एंड डीडी स्वीकार्य
  6. ड्यू डिलिजेंस बाय बैंक
  7. लोन सैंक्शन

सबसे पहले

आप किसी बैंक के पास जाएंगे

आप जानकारी जुटाएंगे, चाहे वह बैंक पर जाकर या किसी  अप्प के थ्रू या  साइट पर जाकर के,  फिर आप अप्लाई करेंगे.

एलिजिबिलिटी

  1. कि क्या आप होम लोन के लिए एलिजिबल है
  2. जैसे कि फाइनेंसियल चेक
  3. बैंक स्टेटमेंट इन्वेस्टमेंट प्रोफाइल क्रेडिट अकाउंट हो जाए सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट कार्ड हो या दूसरे लोन है या
  4. कोई और बिजनेस एक्टिविटी है
  5. आपका मिनिमम बैलेंस कितना रहता है
  6. बैंक बैलेंस कितना रहता है
  7. लोकेशन ऑफ होम लोन प्रॉपर्टी
  8. क्रेडिट स्कोर

इसके बाद आता है

डॉक्यूमेंटेशन या डाक्यूमेंट्स

जिसमें दुली साइंड फोटोग्राफ एप्लीकेशन के साथ होता है

  1. एज प्रूफ
  2. रेजिडेंस प्रूफ
  3. आईडेंटिटी प्रूफ
  4. पिछले 6 महीनों की बैंक की स्टेटमेंट
  5. पिछले 3 या 6 महीनों की सैलरी स्लिप
  6. फॉर्म १६
  7. इनकम टैक्स रिटर्न्स (प्रूफ के तौर पर )
  8. आपकी बिजनेस प्रोफाइल क्या है?

 

तीसरा स्टेप जो आता है वह आता है

फील्ड इन्वेस्टिगेशन फील्ड इन्वेस्टिगेशन

में आपके बिजनेस का इन्वेस्टिगेशन होता है

  1. प्रोफाइल का इन्वेस्टिगेशन होता है
  2. रेजिडेंस ऐड्रेस का वेरिफिकेशन होता है
  3. कांटेक्ट डिटेल का वेरिफिकेशन होता है
  4. एम्पलाई वेरीफिकेशन होता है या कंपनी एड्रेस इंडस्ट्री जहां की कंपनी स्थित है वहां पर फिजिकली भी जा कर के विजिट करके बैंक का इन्वेस्टिगेशन इन्वेस्टिगेटर चेक करता है
  5. आपके प्रॉपर्टी की कंडीशन क्या है क्वालिटी कैसा है फिजिकली विजिट करके भी देखते हैं चेक करते हैं
  6. फिर प्रॉपर्टी के वैल्यूएशन होती है प्रॉपर्टी की चेक होती है कंस्ट्रक्शन और चेकिंग प्रोसेस सटिस्टाफक्टरी है की नहीं
  7. कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी क्या है बिल्डिंग प्लांस क्या है
  8. अप्रूव्ड लेआउट कैसा है

इसके बाद आता है

लीगल ड्यू डिलिजेंस

इसमें चेक होता है इस स्टेप में चेक्स होती है की क्या आपकी प्रॉपर्टी

  1. आपका लीगल ओनरशिप क्या है?
  2. प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट चेक होते हैं
  3. फॉर सेल या आप मालिक हैं | पहले से बेचा तो नहीं गया किसी और को
  4. अंडर कंस्ट्रक्शन
  5. अलॉटमेंट लेटर चेक होता है

 

FAQ

(OR Q&A)

 

Q.1 भारत में सबसे अच्छे बैंक कौन से हैं होम लोन के लिए?

Ans. :  होम लोन के लिए भारत में कई सारे अच्छे बैंक हैं जैसे कि एसबीआई, पीएनबी, एच डी एफ सी, आई सी आई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक लेकिन आप अपनी जरूरतों का ध्यान रखें अपनी जरूरतों के हिसाब से बैंक को चुने.

Q.2 क्या कोई टैक्स बेनिफिट है?

Ans. : जी हां आपको जरूर मिलता है आईटी अधिनियम की धारा 80सी और 24 के तहत टैक्स लाभ मिलते हैं.

Q.3 संयुक्त हस्ताक्षर कौन कर सकता है?

Ans. : साथ लोन लेते समय इसके लिए आपके मम्मी ,पापा ,भाई-बहन या आपके बड़े बच्चे हस्ताक्षर कर सकते हैं लेकिन आपके दोस्त या कोई बाहर वाला नहीं.

Q.4 किन कारणों से होम लोन रिजेक्ट होता है?

Ans. :  सबसे पहला काम

  1. क्रेडिट स्कोर – क्रेडिट हिस्ट्री में हेरा फेरी
  2. बैंक से स्वीकृति ना होना
  3. स्थिर आय का इनकम ना होना
  4. आपकी आयु या बहुत ज्यादा या बहुत कम
  5. संपत्ति का जो जगह है वह कहां है एरिया के ऊपर डिपेंड करता है
  6. लोन भुगतान करने की क्षमता क्या है

आपकी यह भी आपकी रिजेक्शन का एक कारण बन सकता है.

Q.5 कैसे बचें अपने होम लोन रिजेक्ट होने से?

Ans. :

  1. तो अपना क्रेडिट स्कोर 770, 780 के ऊपर रखे , मेंटेन रखें समय पर जितने एम आई है, उनका भुगतान कीजिए.
  2. आय का इनकम ,अपनी आय का इनकम कोई स्थिर बनाइए ना कि आज है कल नहीं कल है परसों नहीं ऐसा नहीं.
  3. कम समय में ज्यादा होम लोन लेना या दूसरे लोन लेना ऐसे में क्या लगता है बैंकों आपको आप पर शक होता है कि आप डिफॉल्ट कर सकते हैं, जब आप कम समय में ज्यादा लोन लिए होते हैं या ले रहे होते आपकी करंट लोन की परिस्थिति क्या है बैंक ऑफ़ आकलन करता है, कि आप अभी ईएमआई भर पा रहे हैं, समय पर कि नहीं ऐसे में होम लोन की ईएमआई व्यवहार पाएंगे कि नहीं तो कम से कम ईएमआई और कम से कम लोन अकाउंट्स रखें या कम से कम क्रेडिट कार्ड रखें अपने पास.

Q.6 कैसे कैलकुलेट की जाती है ईएमआई ? 

Ans. : होम लोन की ईएमआई मूल राशि और  लोन पर अर्जित ब्याज इन दोनों को ध्यान में रखा जाता है तो ऐसे ब्याज और मूल राशि दोनों को मिला करके आपका यह EMI बनता है.

Q.7 होम लोन पर PMAY सब्सिडी लेने पर क्या लोन पर कोई नुकसान होता है?
Ans. : नहीं, बल्कि फायदा होता है ? PMAY के अंतर्गत आपको होम लोन पर आपकी मासिक किश्त या ई एम् आई 2012 से 2318 रूपये तक घट जाती है। इसके लिए आप सभी बैंक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी, अपने यहाँ के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्माल फाइनेंस बैंक या और दूसरे संस्थान इस योजना पे लाभ अपने सभी ग्राहकों को दे रहे हैं. भारत के लगभग सभी नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) और हुडको भी इस योजना के अंतर्गत आते हैं।

 

Q.8 सिंपल होम लोन पॉलिसी में क्या-क्या डॉक्यूमेंट लगेंगे?

Ans. : सिंपल होम लोन पॉलिसी में ये डॉक्यूमेंट की होती है जरुरत –

  1. 2 पासपोर्ट साइज फोटो
  2. पहचान पत्र- पैन कार्ड आधार कार्ड मतदाता पहचान पत्र पासपोर्ट ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड
  3. डेट ऑफ बर्थ- डेट ऑफ बर्थ इसके लिए आपके पास पैन कार्ड पासपोर्ट आधार कार्ड दसवीं कक्षा की मार्कशीट जन्म प्रमाण पत्र बैंक की पासबुक या ड्राइविंग लाइसेंस या राशन कार्ड
    निवास प्रमाण पत्र वोटर आईडी बैंक पासबुक राशन कार्ड यूटिलिटी बिल टेलीफोन बिजली का बिल पानी का बिल बिल पासपोर्ट एलआईसी पॉलिसी स्लिप
  4. 3 वर्षों के आईटी रिटर्न की कॉपी हो या फॉर्म 16 की कॉपी हो या निवेश प्रमाण
  5. बैंक स्टेटमेंट
  6. आय प्रमाण पत्र
  7. आय का प्रमाण -आय का स्रोत
  8. पिछले 3 या 4 वर्षों की आइटीआर डिटेल्स
  9. कंपनी का लाभ और हानि अकाउंट डिटेल
  10. बैलेंस शीट अपने फॉर्म का डिटेल
  11. कंपनी का डिटेल और
  12. आपका बिजनेस स्थापित है वहां का प्रमाण

Q.9 साधना देवी का होम लोन का पैसा कब तक मिलेगा?

Ans. : ये निर्भर करता है की साधना देवी का होम लोन किस बैंक में अप्लाई हुआ था , उस बैंक की तमाम शर्तो को साधना देवी ने पूरा किया की नहीं। वैसे साधना देवी या किसी का भी पैसा अप्लाई करने के बाद 10 से 15 दिन का समय लगता है बैंक को सब चेक करने में। यदि गांव से सम्बंधित मामला है तो कभी कभी ऐसे केसेस में ३० दिन का भी समय लग जाता है।

 

Q.10 ग्रामीण क्षेत्र में होम लोन कौन बैंक देती है जल्दी?

Ans. :  ग्रामीण क्षेत्र में एसबीआई, पीएनबी, एच डी एफ सी, आई सी आई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, एसबीआई की ग्रामीण ब्रांच शाखा , से होम लोन ये बैंक जल्दी ही दे देती हैं।

 

Q.11 दस लाख होम लोन की प्रति माह कितनी माह किस्त आयेगी?

Ans. : 10,00,000 पर आपका Interest Rate 12% हैं Tenure 10 सालों के लिए तो EMI प्रति माह Rs. 14,347 आएगी 10 सालो तक जिस पर इंटरेस्ट टोटल Rs. 7,21,651 लगेगा और टोटल अमाउंट 17,21,651 Rs. देना होगा जिसमे (Principal + interest) यानि ( मूल राशि + ब्याज ) दोनों शामिल हैं।
या फिर आप हमारे लोन कल्क्युलेटर का प्रयोग कर सकते हैं। Loan Calculator

 

Q.11 होम लोन का बकाया बैंक किससे वसूलते हैं ?

Ans. : मृतक का उत्तराधिकारी, जिसे मृतक की संपत्ति पर अधिकार मिलता है, उसे ही बैंक का बकाया चुकाने के लिए जिम्‍मेदार माना जाता है।
बकाया ऋण को चुकाने में असमर्थ होने पर बैंक मृतक की संपत्तियों पर कब्ज़ा भी करने का अधिकार रखते हैं।

 

Q.12 पिता जी के नाम से जमीन है और हम भाई दो है तो क्या होम लोन मिल पाएगा हमें?

Ans. :  जी हाँ आप अपने भाई के साथ मिलकर ज्वाइंट होम लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं आम तौर पर दो भाइयों पे जॉइंट होम लोन का प्रावधान है। तो जॉइंट लोन अपने पिताजी की संपत्ति पर लेने के लिए अपने किसी भी नजदीकी बैंक की शाखा में संपर्क कर सकतें हैं आप।

 

Q.13 क्या होम लोन की किस्त शुरू हो जाने के बाद भी सह आवेदक को इसमें जोड़ा जा सकता है?

Ans. :  नहीं, किन्तु फिर भी आप अपने बैंक के मैनेजर के पास जाकर के अपनी इस समस्या का समाधान पूछ सकते हैं , क्यूंकि बैंक के नियम में बदलाव होते रहते हैं। यदि किसी को सह आवेदक बनाना हो तो बैंक आपको एक अवसर देते हैं अप्लाई या आवेदन करते समय। लेकिन एक बार होम लोन की किस्त शुरू हो जाने के बाद बैंक के ऊपर यह निर्भर करता है की यदि आप उन्हें अपनी किसी समस्या के बारे में बताये या अपनी बात जाकर रखे मैनेजर के पास तो शायद ऐसा कोई प्रावधान निकल दे बैंक मैनेजर।

 

 

वैसे यह जानकारी परिपक्व और संपूर्ण है किंतु फिर भी समय-समय पर बैंक और आर्थिक संस्थानों की वित्तीय परिस्थितियां और नियमावली में परिवर्तन होते रहते हैं जिससे कि हम आपसे यह उम्मीद करते हैं कि आप अपने स्तर तक और अपने स्तर पर भी जानकारी जुटा एंगे ताकि आपको कभी कोई प्रॉब्लम ना आए होम लोन में ताकि आप फ्यूचर में आने वाले किसी प्रॉब्लम से बच सकें तो आप का भी फर्ज बनता है आप बैंक के पास जाकर के डिफरेंट डिफरेंट बैंकों के पास जाकर के उनसे संपूर्ण जानकारी लें ताकि किसी भी परिस्थिति का सामना कर सके और किसी भी प्रॉब्लम से बच सके . उम्मीद करते हैं यह पोस्ट आपके काफी काम आएगा मिलते हैं अगले किसी पोस्ट में धन्यवाद.

यदि आप को कोई भी त्रुटि नजर आती है तो कृपया कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। यदि आप ने भी कभी होम लोन के लिए अप्लाई किया था तो आप का एक्सपीरियंस कैसा रहा ? यदि आप होम लोन ले चुके हैं तो जरूर बताये , आपका अब तक का अनुभव कैसा रहा है ?

 

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